माँ का आखिरी इंतज़ार 💔
माँ का आखिरी इंतज़ार 💔
एक लड़का नौकरी के लिए शहर चला गया।
माँ रोज़ फोन करती और पूछती—
“बेटा, खाना खा लिया?”
बेटा हर बार जल्दी में कहता—
“हाँ माँ, अभी काम है… बाद में बात करता हूँ।”
एक दिन माँ का फोन नहीं आया।
बेटे ने सोचा, शायद माँ नाराज़ है।
रात को पड़ोसी का फोन आया—
“बेटा… तुम्हारी माँ अस्पताल में हैं।”
वह भागकर गाँव पहुँचा।
माँ ने आँखें खोलीं और धीमे से कहा—
“मुझे पता था तू आएगा… इसलिए मैंने इंतज़ार किया।”
बेटे की आँखों में आँसू आ गए।
उसने माँ का हाथ पकड़कर कहा—
“माँ, अब कभी तुम्हें इंतज़ार नहीं करवाऊँगा।”
माँ मुस्कुराई…
लेकिन उस दिन बेटे को समझ आया—
दुनिया में सबसे कीमती चीज़ पैसा नहीं,
अपनों का साथ है। ❤️
सीख:
जिस इंसान की आवाज़ आज सुन सकते हो,
उससे बात करने के लिए “कल” का इंतज़ार मत करो।
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