Posts

Showing posts from August, 2026

रक्षाबंधन का अधूरा प्यार — एक भाई-बहन की भावुक कहानी

रक्षाबंधन का अधूरा प्यार — एक भाई-बहन की भावुक कहानी रक्षाबंधन का दिन था। पूरा शहर रंग-बिरंगी राखियों और मिठाइयों से सजा हुआ था। हर घर में बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बाँधने की तैयारी कर रही थीं। लेकिन एक छोटे से गाँव के पुराने घर में आरव अकेला बैठा था। उसकी छोटी बहन नैना शादी के बाद दूसरे शहर में रहती थी। दोनों भाई-बहन बचपन से एक-दूसरे के सबसे अच्छे दोस्त थे। आरव हमेशा नैना से कहता था— “तू चाहे कितनी भी दूर चली जा, तेरी राखी मेरी कलाई तक जरूर पहुँचेगी।” नैना हँसकर जवाब देती— “और तू वादा कर कि मेरी हर मुश्किल में मेरे साथ खड़ा रहेगा।” आरव कहता— “ये वादा नहीं… मेरी जिंदगी है।” समय बीतता गया। नैना की शादी हो गई। शादी के बाद वह अपने नए घर में व्यस्त हो गई, लेकिन हर रक्षाबंधन पर वह अपने भाई के लिए राखी जरूर भेजती। एक साल रक्षाबंधन से कुछ दिन पहले नैना का फोन आया। “भैया… इस बार शायद मैं घर नहीं आ पाऊँगी।” आरव कुछ पल चुप रहा। “कोई बात नहीं बहन… राखी भेज देना।” नैना ने धीमी आवाज में कहा— “भैया, आप नाराज़ तो नहीं?” आरव मुस्कुराया। “पगली, राखी हाथ पर बाँधती है, प्यार द...