पिता की पुरानी साइकिल

पिता की पुरानी साइकिल

एक गरीब पिता रोज़ अपनी पुरानी साइकिल से काम पर जाता था। उसका बेटा अक्सर कहता—

“पापा, हमारे पास इतना कम क्यों है? मैं बड़ा होकर बहुत अमीर बनूँगा।”

पिता मुस्कुराकर कहते,
“बेटा, अमीर बनने से पहले अच्छा इंसान बनना सीखना।”

समय बीता। बेटा बड़ा हुआ और पढ़ाई के लिए शहर चला गया। वहाँ उसने बहुत मेहनत की, लेकिन कई बार असफल हुआ। एक दिन उसने हारकर पिता को फोन किया—

“पापा, मुझसे नहीं होगा… मैं सब छोड़ना चाहता हूँ।”

पिता ने अपनी पुरानी साइकिल की फोटो भेजकर कहा—

“इसी साइकिल पर बैठकर मैंने तुम्हें स्कूल पहुँचाया था। रास्ते में कितनी बार साइकिल खराब हुई, लेकिन मैंने तुम्हें कभी स्कूल जाना बंद नहीं कराया।
मुश्किल रास्ता सफलता को रोकता नहीं, मजबूत बनाता है।”

बेटे ने पिता की बात दिल में उतार ली। उसने फिर मेहनत शुरू कर दी।

कुछ साल बाद वह सफल होकर अपने गाँव लौटा। सबसे पहले उसने पिता के पैर छुए और कहा—

“पापा, मेरी सफलता की पहली सीढ़ी आपकी वही पुरानी साइकिल थी।”

पिता की आँखों में आँसू आ गए।

सीख:
हार मान लेना आसान है, लेकिन जो इंसान मुश्किल समय में मेहनत करता रहता है, वही एक दिन अपनी किस्मत बदल देता है।
माँ-बाप की सीख को कभी छोटा मत समझो—उनका अनुभव आपकी सबसे बड़ी दौलत है। ❤️

Comments

Popular posts from this blog

Love you in Hindi

बिल गेट्स ने एक स्कूल में भाषण के दौरान 10 बातें बताई जो विद्यार्थियों को नहीं सिखाई जाती।

Love shayari in Hindi लव शायरी इन हिंदी!