शायरी की डायरी
"तुम्हारी एक झलक से धड़कन संभलती है,
*तुम्हारी मुस्कान से ही तो मेरी दुनिया चलती है।*
फासलों से मोहब्बत कम नहीं होती मेरी,
*तुम सांसों में बसे रहो, यही चाहत पलती है।"*
💕✨
भगवान से और कोई मन्नत या अरमान नहीं मांगी,💝💘
*तुम्हारी खुशी के आगे मैंने कभी अपनी जान नहीं मांगी।*💕❣️
दिल ❣️की डायरी📕 में तुम्हारा नाम सबसे ऊपर लिखा है,❤️❣️💕
*कल क्या होगा पता नहीं, पर आज तुमसे ही जीना सीखा है।*💘💝🥰
कागज़ की कश्ती थी, यादों का किनारा था,
*जो गुज़र गया वो कल भी प्यारा था, जो आज है वो भी हमारा है।*❣️❣️
न कोई शिकवा गुज़रे कल से, न आने वाले कल की फ़िक्र है,
*सुकूँ की साँस लेता हूँ आज, जहाँ बस अपनों का ज़िक्र है।*❣️
भीड़ बहुत है इस शहर में मगर क्या फ़ायदा,
*😢उसने हाथ क्या छोड़ा, मेरा हाथ आज भी तन्हा है!!*
बचपन में सुना था
श्रृंगार करती, आँखों में काजल भरती
लड़कियाँ सुंदर होती हैं।
किशोरावस्था में दोस्तों ने कहा
गोरी, अच्छे नैन-नक्शों वाली, स्कर्ट पहनती
लड़कियाँ सुंदर होती हैं।
किसी स्त्री-विमर्श में पढ़ा
अपने स्त्रीत्व को समेटे दुनिया जीतती
लड़कियाँ सुंदर होती हैं।
उम्र भर मैं सीखता रहा
सुंदर लड़कियों की अनेकों परिभाषाएं
फिर एक दिन मैंने देखा; तुम्हे...
और मैंने जाना कि सबसे सुंदर लड़कियाँ
किताबें पढ़ती हैं, जीती हैं अनेकों उपन्यास
और एक दिन बन जाती हैं किसी किताब की कोई
अमर नायिका ❤️
*मेरे दोस्त,,*
अगर आज रातों को जागकर किताबों से दिल लगाओगे,
*तभी कल दुनिया की इस तपती धूप में सुकून की छांव पाओगे।*
कभी-कभी खामोशी भी बहुत कुछ कह जाती है,
*कान लगाकर नहीं, इसे दिल लगाकर सुनना पड़ता है।*
मोहब्बत में बराबरी के तराज़ू नहीं होते,
*जहाँ तुम बस जाओ, वहाँ फिर आँसू नहीं होते।*💕💕
null: शिकवा नहीं कोई कि तुम दूर हो मुझसे,
*मेरी हर धड़कन आज भी जुड़ी है तुमसे।*💕❣️
बदलते वक़्त में जब सबने आंखें फेर लीं हमसे,
तब पिता के साए और मां की *दुआओं ने हमें संभाला, जो हर हाल में साथ रहा करते थे।*
🙏🙏🙏🙏🙏
ReplyDelete